कहा जाता है, नदियों के किनारे पुरानी सभ्यता का पनपती थी, आज के आधुनिक समय में सड़कों के किनारे नगरों का निर्माण होता है। हम बात कर रहे हैं, नोएडा से आगरा तक जाने वाली यह आगरा एक्सप्रेसवे रोड की शुरुआत में ताज एक्सप्रेसवे नाम रखा गया था। इस योजना को 2000 में बीजेपी ने प्लान किया था। फिर मार्च 2002 में बहुजन समाजवादी पार्टी ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए फिर 2003 में जेपी को 165 कि.मी. लंबा एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिया, लेकिन दूसरी सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस प्रोजेक्ट को स्थगित कर दिया। लेकिन जब 2008 में बीएसपी फिर सत्ता में आई, ताज एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट को फिर स्पीड से काम शुरू दिया। यह प्रोजेक्ट का 2012 में 48 मंथ्स में ऑफिशियली जनता के लिए उपभोग के लिए तैयार था। यूपी के इतिहास में इतना बड़ा एक्सप्रेसवे (फुल्ली सीमेंटेड) एक उदाहरण था, हिंदुस्तान में इतनी अच्छी रोड पहले कभी नहीं होती थी। किसी शहर के विकास में ट्रांसपोर्टेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रीज,एयरपोर्ट की भूमिका अहम होती है। 15 जून 2026 को जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद में यह स्थान इंटरनेशनल मैप पर स्थापित हो गया है और अब इसके विकास की निरंतरता को कोई भी रोक नहीं सकता। आज केवल जेवर एयरपोर्ट ही इसका एक आकर्षण का बिंदु नहीं है, अपितु यहां पे बहुत सारी चीजें आपको देखने को मिलेगी। जैसे आईटी पार्क, लेदर पार्क है, टॉय पार्क, सेमीकंडक्टर पार्क, लॉजिस्टिक पार्क, फिल्म सिटी इत्यादि बहुत सारी ऐसी के चीजें हैं जो यहां पे इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। 10 साल में आप इस क्षेत्र का एक अलग नक्शा देखेंगे। आइए और इस क्षेत्र को आकर देखिए और इस क्षेत्र में निवेश करके और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाइए।

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